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जयपोर ने शिल्पकारों को अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री में मदद के लिए क्रिएटिव डिग्निटी के साथ साझेदारी की
बड़े पैमाने पर लोकप्रिय अपने प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश भर के शिल्पकारों का विकास और समर्थन करेगा
मुंबई. जयपोर, आदित्य बिरला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड परिवार का एक अंग है जिसने क्रिएटिव डिग्निटी के साझेदारी की है, ताकि शिल्पकार समुदाय डिजिटल माध्यमों से अपने ग्राहकों तक पहुँच सके। ब्रांड बड़े पैमाने पर लोकप्रिय अपने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिल्पकारों को पूरे भारत में मौजूद अपने ग्राहकों तक पहुँच का अवसर प्रदान करेगा, जिससे उन्हें नए बाजार उपलब्ध होंगे तथा यह उनकी आजीविका को बरकरार रखने में भी सहायक होगा।
कोविड-19 महामारी की वजह से गंभीर रूप से प्रभावित शिल्पकारों के समुदाय को राहत प्रदान करने के लिए, जयपोर ने लाभार्जन नहीं करने वाले एक स्वयंसेवी प्लेटफॉर्म, क्रिएटिव डिग्निटी के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी के बाद, क्रिएटिव डिग्निटी के ‘आर्टिज़न डायरेक्ट’ अभियान के तहत एक निर्धारित समय के लिए 250 से अधिक शिल्पकारों द्वारा निर्मित वस्तुओं को उनकी वेबसाइट पर दिखाया जाएगा, और इस तरह इन शिल्पकारों को देश भर के ग्राहकों को अपने उत्पाद बेचने के लिए एक मंच उपलब्ध होगा।
क्रिएटिव डिग्निटी और जयपोर साथ मिलकर शिल्पकारों को ई-कॉमर्स के क्षेत्र में प्रशिक्षण के अलावा कैटलॉग मेकिंग, फोटोग्राफी, मूल्य-निर्धारण और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन के क्षेत्र में भी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे, जिससे उन्हें अपने व्यवसाय को बढ़ाने में मदद मिलेगी। बिक्री अभियानों को राष्ट्रीय स्तर पर FICCI FLO द्वारा प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
ब्रांड न केवल इन शिल्पकारों को अपने उत्पादों की मार्केटिंग के लिए एक ऑनलाइन बाज़ार उपलब्ध कराएगा, बल्कि ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों पर उत्पादों को अधिक आकर्षक, मनमोहक और बिक्री योग्य बनाने के लिए उन्हें प्रशिक्षण भी प्रदान करेगा।
पूरे भारत के प्रीमियर डिजाइन संस्थानों के स्वयंसेवकों के साथ-साथ अन्य स्वयंसेवी डिजाइनरों और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहायता प्रदान की जाएगी। विशेषज्ञ स्वयंसेवकों द्वारा शिल्पकारों को उनके गाँवों में लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जहां आमतौर पर सीमित सुविधाएं उपलब्ध होती हैं।
जयपोर की ब्रांड हेड, रश्मि शुक्ला कहती हैं, “जयपोर ब्रांड अपनी स्थापना के बाद से ही स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पादों को आगे बढ़ाने में मुखर रहा है। भारत की समृद्ध शिल्पकला और शिल्पकार ही इस ब्रांड के दिल और आत्मा हैं। हमें इस बात का गर्व है कि, हमने हमेशा से भारतीय शिल्पकारों एवं कारीगर समुदाय को अपनी उत्कृष्ट शिल्प विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान किया है।
वर्तमान में फैली इस महामारी ने देशभर के शिल्पकारों एवं कारीगरों की आजीविका के लिए एक बड़ी चुनौती उत्पन्न की है, और इस तरह हमारी शिल्पकला और प्रतिभा पर संकट मंडराने लगा है। हमने शिल्पकार समुदाय को सहारा देने के लिए क्रिएटिव डिग्निटी के साथ गैर–लाभकारी साझेदारी की है, ताकि इन कारीगरों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। इस साझेदारी से हमें देश में हस्तकला के माहौल को प्रोत्साहित करने और अंततः ‘मेक इन इंडिया‘ के हमारे सामूहिक राष्ट्रीय आदर्श वाक्य को मजबूती प्रदान करने में मदद मिलेगी।“
रश्मि शुक्ला ने आगे कहा, “हाल ही में संपन्न हुए इस अभियान के पहले संस्करण में जयपोर के दर्शकों ने काफी दिलचस्पी दिखाई, तथा इसमें प्रदर्शित सभी उत्पादों की कारीगरी बेजोड़ थी पूरी तरह से हमारे ग्राहकों की पसंद के अनुरूप थी। हमने अजरक ब्लॉक प्रिंट वाली साड़ियों, बँधानी साड़ियों, मड–मिरर की कारीगरी वाले एक्सेसरीज़, चमड़े के बैग और इसी तरह के कई अन्य उत्पादों का प्रदर्शन किया।“
कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के सहयोग से पूरे भारत में ‘आर्टिज़न डायरेक्ट’ अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें जयपोर एक महत्वपूर्ण भागीदार है। संकट की यह घड़ी, सही मायने में सबसे कमजोर तबके के लोगों की ज़िंदगी बचाने के लिए सहयोग का भी समय है।
यह अभियान शिल्पकारों को डिजिटल माध्यमों से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है, साथ ही इस अभियान की अवधि के दौरान ग्राहकों को आकर्षक ऑफ़र देने के लिए ऑनलाइन पार्टनर स्वेच्छा से अपने लाभार्जन को कम करते हैं।
इस प्रकार यह सभी पक्षों के लिए फायदेमंद है, क्योंकि ग्राहकों को भी इन शिल्पकारों की मदद करके संतोष मिलता है साथ ही शिल्पकारों को भी अपने उत्पादों की अच्छी कीमत मिल जाती है।
क्रिएटिव डिग्निटी की मीरा गोराडिया कहती हैं, “आर्टिज़न डायरेक्ट कैंपेन – गुजरात संस्करण में शामिल शिल्पकारों के पहले समूह को इस अभियान का परिणाम दिखाई देने लगा है। वे अपने उत्पादों के स्टॉक की बेहद कम समय में बिक्री करने में सफल रहे हैं, और इस काम को संभव बनाने में सभी के सहयोग से हमें बेहद खुशी महसूस हो रही है। संकट की घड़ी ने हमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का अवसर दिया है– हमने एक बार फिर से इंसानियत के लिए अपना योगदान दिया है।“
इस पहल के लिए निर्धारित अवधि के दौरान, जयपोर लगभग 250 शिल्पकारों के जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लाएगा। ब्रांड ने ऐसे छोटे उद्यमों को इस अभियान से जोड़ने की कोशिश की है, जिनके पास अपनी आपूर्ति श्रृंखला का अभाव है।
साथ ही ब्रांड ने महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों और महिला शिल्पकारों को इस अभियान में शामिल किया है, जिनके पास तैयार उत्पाद उपलब्ध थे, तथा उन लोगों की मदद की है जो अपनी आर्थिक जरूरतों के कारण बेहद दयनीय हालत में थे।
जयपोर ने अभियान के बाद भी इन शिल्पकारों के साथ जुड़ने की योजना बनाई है, साथ ही निकट भविष्य में देश भर के शिल्पकारों को सहयोग प्रदान करने की योजना भी बनाई है।
आप Jaypore.com पर ‘डायरेक्ट टू आर्टिज़न’ पेज के माध्यम से शिल्पकारों द्वारा निर्मित सभी उत्पादों की खरीदारी कर सकते हैं।


